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Written By FUL MAZA MASTEE on Wednesday, January 15, 2014 | 11:51 PM

www.fulmazamastee.blogspot.com जिंदा दफन होने से बची बच्ची Tue, 18 Jun 2013 11:15 AM (IST) जिंदा दफन होने से बची बच्ची अलीगढ़। रोंगटे खड़े कर देने वाली इस कहानी का असली सच ईश्वर ही जानता है या फिर वे दोनों जो इस बच्ची को जिंदा दफन करने आए थे। क्या वे मां-बाप थे? बमुश्किल दस दिन की इस बच्ची की किस्मत में जीना लिखा था। सो, दफनाते वक्त एक किशोर की नजर पड़ गई तो उसने शोर मचा दिया। दफनाने वाले भाग गए। बच्ची अब सकुशल है। हां, वो बोल नहीं सकती, मगर उसकी आंखें किसी को ढूंढ रही हैं..अपनी मां को। घटना अलीगढ़ जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर खैर क्षेत्र में गौमत चौराहे के पास की है। सोमवार अपरान्ह करीब तीन बजे रहे थे। अचानक एक बाइक यहां आकर रुकी। बाइक पर थी एक महिला और एक पुरुष। महिला की गोद में एक दुधमुंही बच्ची भी थी। सड़क के किनारे बाइक खड़ी करने के बाद युवक ने बच्ची को अपनी गोद में ले लिया। महिला वहीं खड़ी रही। युवक ने सड़क से करीब 25 मीटर दूर एक खेत में गढ्डा खोदा और बच्ची को उठाकर उसमें डाल दिया और फिर ऊपर से मिट्टी डालने लगा। इस बीच, अपनी छत से यह नजारा देख रहा 12 वर्षीय संजीव पुत्र डॉ. नंद किशोर ने शोर मचा दिया। शोर सुनकर आसपास के लोगों को आता देखकर युवक बच्ची को छोड़कर बाइक की ओर भागा। जब तक लोग पहुंचते वो महिला के साथ बाइक से जंट्टारी की ओर भाग गया। बच्ची को उठाकर डॉक्टर के पास लाया गया। डॉक्टर ने बच्ची का चेकअप किया तो वो बिल्कुल स्वस्थ थी। सूचना मिलते ही सोफा चौकी से पुलिस भी आ गई। पुलिस ने देखभाल के लिए बच्ची डॉ. नंद किशोर को सौंप दी है। डॉक्टर के घर पर बच्ची को देखने वालों का तांता लगा हुआ था।
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