राहुल नहीं होंगे पीएम कैंडिडेड, प्रचार की कमान संभालेंगे
Written By FUL MAZA MASTEE on Friday, January 17, 2014 | 12:43 AM
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Jan 16, 2014, 08.36PM IST
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rahul gandhi
नई दिल्ली
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी कांग्रेस के पीएम कैंडिडेट नहीं होंगे। वह पोल पैनल के चीफ के तौर पर लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के चुनाव प्रचार की कमान संभालेंगे। दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमिटी (CWC) की बैठक में यह बेहद अहम फैसला लिया गया। इसका औपचारिक ऐलान शुक्रवार को बैठक के दूसरे दिन किया जाएगा। कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक में अधिकतर सदस्य राहुल के नाम के ऐलान के पक्ष में थे, लेकिन सोनिया गांधी ने आखिरी समय में एक तरह से वीटो कर इसे टाल दिया।
बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'बैठक में राहुल जी के बारे में चर्चा हुई। राहुल जी खुद भी बोले... कार्यसमिति के सदस्य चाहते थे कि उन्हें पीएम कैंडिडेट घोषित किया जाए। चर्चा के बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने बीच में अपनी बात रखी और कहा कि कांग्रेस की ऐसी कोई परंपरा नहीं है। अगर किसी ने उम्मीदवार घोषित किया है तो जरूरी नहीं है कि हम भी उनके मुताबिक घोषणा करेंगे। ऐसे में नाम की घोषणा करने का क्या अर्थ है। सारी चर्चा के बाद आम सहमति बनी कि अगला चुनाव प्रचार अभियान राहुल गांधी के नेतृत्व में ही होगा।' द्विवेदी ने कहा कि बैठक में राहुल गांधी ने पार्टी का यह फैसला स्वीकार किया। उन्होने कहा कि वह एक समर्पित कार्यकर्ता हैं और पार्टी के हर फैसले का पालन करेंगे।
सोनिया ने किया वीटोः गुरुवार को सीडब्लूसी की बैठक में बस 'राहुल-राहुल' की गूंज थी। बैठक में चर्चा के दौरान कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में राहुल गांधी को पार्टी का पीएम कैंडिडेट घोषित करने की मांग की, ऐसा लग भी रहा था कि कोई बड़ा ऐलान हो सकता है। लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आखिरी समय में पूरा सीन बदल दिया। सोनिया गांधी ने राहुल को चुनाव से पहले पीएम कैंडिडेट घोषित करने को पार्टी की परंपरा के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि दूसरी पार्टियां अगर ऐसा कर रही हैं तो वे करें, लेकिन कांग्रेस की ऐसी परंपरा नहीं रही है। इसके बाद राहुल को लोकसभा चुनाव प्रचार की कमान सौंपने का फैसला किया गया।
[ जारी है ]
राहुल को दिया सुरक्षा कवचः दरअसल सोनिया ने अपने इस फैसले से यूपीए सरकार की नाकामियों और मोदी जैसे अनुभवी नेता के खिलाफ राहुल गांधी को 'सुरक्षा कवच' दिया है। अगर राहुल को पीएम कैंडिडेट घोषित किया जाता तो चुनावों में खराब प्रदर्शन की स्थिति में तोहमत उन्हीं के सर पर जाती। लेकिन अब राहुल के लिए स्थिति बेहतर होगी। राहुल भले ही कहने के लिए पार्टी के पीएम कैंडिडेट नहीं होंगे, लेकिन यूपीए अगर फिर सत्ता में आ जाती है तो साफ है कि कुर्सी की दावेदारी उनकी ही होगी। और अगर पार्टी का प्रदर्शन खराब रहता है तो नाकामी का ठीकरा सीधे-सीधे उनके सिर भी नहीं फोड़ा जा सकेगा। बैठक के बाद जनार्दन द्विवेदी ने इशारों-इशारों में राहुल को भविष्य का नेता बताया भी। उन्होंने कहा, 'इससे पहले भी कैंपेन कमिटी बनती रही है। कोई न कोई अध्यक्ष बनता रहा है। पिछली बार सोनिया गांधी इसकी अध्यक्ष थीं। पार्टी में सोनिया के बाद राहुल का दूसरा नंबर है। राहुल गांधी ही भविष्य के नेता हैं।'
राहुल के नाम का ऐलान चाहते थे सभीः CWC की बैठक में कांग्रेस के अधिकतर नेता चुनाव से पहले राहुल गांधी के नाम के ऐलान को पक्ष में थे। बैठक से कुछ ही घंटे पहले केंद्रीय मंत्री ऑस्कर फर्नांडिस ने भी साफ कहा था कि प्रधानमंत्री पद के लिए राहुल गांधी कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। उन्होंने कहा, 'वह (राहुल) स्वीकार करें या न करें, लेकिन वह हमारे प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं।' उन्होंने इस पर वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद होने की बात का खंडन किया। उन्होंने कहा, 'नहीं, कोई मतभेद नहीं है। हम सभी खुश हैं।' लंबे समय तक पार्टी संगठन में रहे फर्नांडीस से जब यह पूछा गया कि कांग्रेस में इस विषय पर भिन्न-भिन्न राय के बीच कैसे उनके नाम को पार्टी के प्रधानमंत्री पद के रूप में औपचारिक रूप से घोषित किया जाएगा, तब उन्होंने कहा, 'यह तो करना है।' बैठक से पहले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी उम्मीद थी कि एआईसीसी की बैठक में ऐसी घोषणा हो जाएगी। उन्होंने कहा था, 'मैं उम्मीद करता हूं कि ऐसा होगा। मुझे पूरा विश्वास है कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस इस चुनाव में जरूर अच्छा प्रदर्शन करेगी।'
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